One of Talat Mahmood”s best songs ever and one of my all time favorites. These days, have gotten big time into old songs, which I loved but never got around to hearing them very often…. Time for that🙂

Lyrics:

शाम-ऐ-गम की कसम, आज ग़मगीन है हम
आ भी जा, आ भी जा आज मेरे सनम
शाम-ऐ-गम की कसम
दिल परेशान है रात वीरान है
देख जा किस तरह आज तनहा है हम
शाम-ऐ-गम की कसम

चैन कैसा जो पहलू मे तू नही
मार डाले न दर्द-ऐ-जुदाई कहीँ
रुत हसीं है क्या, चाँदनी है तो क्या
चाँदनी ज़ुल्म है और जुदाई सितम
शाम-ऐ-गम की क़सम

अब तो आजा के अब रात भी सो गयी
जिन्दगी गम के सहराव मे खो गयी
ढूँढती हैं नज़र तू कहाँ है मगर
देखते देखते आया आँखों मे गम
शाम-ऐ-गम की क़सम